शब्द बोलते हैं

 

शब्दों  को सम्भालकर बोलिये,

शब्दों में भी जान होती हैं|

ये मन के समंदर के वो मोती हैं

जिनसे इन्सान की पहचान होती है||

शब्द एक पहचान है ,शब्द ताकत है, शब्द हिम्मत है ,शब्द विश्वास है, शब्द ही ढाल है ,शब्द ही बाण है

शब्द ही जीवन है ,शब्द ही संसार है |

उपर्युक्त लिखे शब्द ही शब्द की परिभाषा हैं | शब्दों का हमारे जीवन बहुत बड़ा महत्व होता है शब्दों से ही प्रभावित होकर लोग ताली भी बजाते हैं और शब्दों से ही आहत होकर लोग आपका अपमान भी करते हैं और कभी – कभी बात लड़ाई झगड़े तक भी आ जाती है । जब तक आप चुप रहते हैं  तब तक शब्द आपके गुलाम होते हैं लेकिन बोलने के बाद आप अपने शब्दों के गुलाम बन जाते हैं इसलिए अपने शब्दों को सोच समझकर प्रयोग करना चाहिए। शब्दों से ही हमें ख़ुशी मिलती हे शब्दों से ही हमें दुःख मिलता हे और शब्दों से ही हमें मुश्किल का हल भी मिलता हे।

हर एक शब्द अपने आप में इतना शक्तिशाली होता है की यदि आप चाहे तो शब्दों से सृजन भी कर सकते हैं और आप चाहे तो विनाश भी कर सकते हैं ये आप पर निर्भर है ।

अगर आपको बड़ी सफलता चाहिए तो आपको अपने शब्दों का प्रयोग सोच समझकर करना होगा क्योंकि  जब आप दूसरे लोगो से बातचीत करने में बुरे तीखे शब्दों का प्रयोग करते हैं  तो वो शब्द सामने वाले व्यक्ति के दिल में तीर की तरह चुभेंगे और उस व्यक्ति से आपका अच्छा सबंध नहीं बन पायेगा और वो व्यक्ति दूसरे लोगो को भी आपके प्रति बुरा कहेगा लेकिन अगर आप मीठे शब्दों का प्रयोग करते हे तो वो शब्द सामने वाले व्यक्ति के दिल में उतर जायेंगे जिसे वो व्यक्ति खुद आपसे अच्छे सबंध बनाना चाहेगा  | किसी ने सही कहा है-

अरे ऐसे ऐसे वीर हुए जिन्हें कोई न हरा पाया था।
अस्त्र-शस्त्र से उनका कोई कुछ न बिगाड़ पाया था।
पर ऐसे वीरों को भी उस व्यक्ति ने हराया था।
जिसने शब्दों को अपनी मुट्ठी में बंद पाया था।।

 

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